रायपुर | 12 सितंबर 2026
छत्तीसगढ़ में अस्पतालों को बाढ़, आग, बड़े हादसे या अन्य आपात परिस्थितियों के दौरान बेहतर तरीके से काम करने के लिए तैयार करने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। रायपुर में अस्पतालों की आपदा तैयारियों को लेकर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें प्रदेश के सभी 33 जिलों के स्वास्थ्य अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
इस पहल का उद्देश्य केवल आपदा आने के बाद राहत पहुंचाना नहीं, बल्कि अस्पतालों को पहले से ऐसी परिस्थितियों के लिए तैयार करना है, ताकि अचानक बड़ी संख्या में मरीज पहुंचने पर भी चिकित्सा सेवाएं व्यवस्थित रूप से जारी रह सकें।
33 जिलों से स्वास्थ्य अधिकारियों ने लिया प्रशिक्षण
कार्यक्रम में विभिन्न जिलों से सिविल सर्जन, अस्पताल अधीक्षक और आपदा प्रबंधन से जुड़े जिला अधिकारियों सहित करीब 70 स्वास्थ्य अधिकारियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण में अस्पताल स्तर पर जोखिमों की पहचान, आपातकालीन व्यवस्था और अलग-अलग विभागों के बीच बेहतर तालमेल जैसे विषयों पर चर्चा हुई।
आपदा के समय कौन क्या करेगा, इस पर विशेष ध्यान
प्रशिक्षण में अस्पताल की आपातकालीन व्यवस्था को व्यवहारिक रूप से मजबूत करने पर जोर दिया गया। इसमें यह समझाया गया कि किसी बड़े हादसे या आपदा की स्थिति में चिकित्सा टीमों की जिम्मेदारियां कैसे तय हों, मरीजों को सुरक्षित स्थान तक कैसे पहुंचाया जाए और उपलब्ध संसाधनों का प्राथमिकता के आधार पर इस्तेमाल कैसे किया जाए।
कार्यक्रम के दौरान व्यावहारिक प्रदर्शन के माध्यम से आपातकालीन प्रतिक्रिया और मरीजों की सुरक्षित निकासी जैसी प्रक्रियाओं को भी समझाया गया।
नियमित मॉक ड्रिल से तैयारी की होगी जांच
स्वास्थ्य विभाग की इस पहल में अस्पतालों की आपदा प्रबंधन योजनाओं को केवल कागज तक सीमित रखने के बजाय उन्हें व्यवहार में परखने पर भी जोर दिया गया है। इसके लिए समय-समय पर मॉक ड्रिल और प्रशिक्षण आयोजित करने की आवश्यकता बताई गई।
इससे अस्पताल प्रशासन को यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि वास्तविक आपदा की स्थिति में कहां कमी रह सकती है और उसे पहले से कैसे दूर किया जाए।
UNICEF का तकनीकी सहयोग
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के साथ UNICEF का तकनीकी सहयोग रहा। स्वास्थ्य आपातकालीन तैयारी और आपदा प्रबंधन से जुड़े विशेषज्ञों ने अस्पतालों की तैयारी को और प्रभावी बनाने के तरीकों पर जानकारी साझा की।
मरीजों की सुरक्षा सबसे अहम
अस्पताल किसी भी आपदा के दौरान सबसे महत्वपूर्ण स्थानों में से होते हैं, क्योंकि यहां पहले से भर्ती मरीजों के साथ-साथ बड़ी संख्या में घायल और बीमार लोग भी पहुंच सकते हैं। ऐसे समय में उपचार व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पहले से तैयार योजना, प्रशिक्षित स्टाफ और विभागों के बीच समन्वय बेहद जरूरी होता है।
छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों को इस प्रशिक्षण प्रक्रिया से जोड़ना राज्य की स्वास्थ्य आपदा तैयारी को जिला स्तर तक मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा सकता है।
अस्वीकरण: यह समाचार उपलब्ध आधिकारिक/विश्वसनीय रिपोर्टों के आधार पर तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य स्वास्थ्य एवं आपदा-प्रबंधन से संबंधित जन-जागरूकता बढ़ाना है।





