नई दिल्ली, 24 जून 2026। भारत में अंगदान को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार देशभर में अब तक 5 लाख से अधिक लोगों ने अंगदान (Organ Donation) का संकल्प लिया है। यह आंकड़ा देश में अंगदान के प्रति बढ़ती जागरूकता और भागीदारी को दर्शाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अंगदान के माध्यम से हृदय, यकृत (लिवर), गुर्दा (किडनी), फेफड़े और अन्य महत्वपूर्ण अंगों की आवश्यकता वाले मरीजों को नया जीवन मिल सकता है। भारत में हर वर्ष हजारों मरीज अंग प्रत्यारोपण की प्रतीक्षा करते हैं, लेकिन दाताओं की संख्या अपेक्षाकृत कम रहती है।
स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों और ऑनलाइन पंजीकरण सुविधाओं के कारण अधिक लोग अंगदान के लिए आगे आ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह रुझान जारी रहा तो भविष्य में अंगों की कमी की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
अंगदान क्यों महत्वपूर्ण है?
- एक दाता कई लोगों की जान बचा सकता है।
- किडनी, लिवर, हृदय और फेफड़ों के मरीजों को नया जीवन मिल सकता है।
- गंभीर रोगों से जूझ रहे मरीजों के लिए प्रत्यारोपण सबसे प्रभावी उपचार हो सकता है।
- समाज में मानवता और जीवनदान की भावना को बढ़ावा मिलता है।
विशेषज्ञों ने लोगों से अंगदान के बारे में सही जानकारी प्राप्त करने और परिवार के सदस्यों को अपनी इच्छा से अवगत कराने की अपील की है।
नोट: यह समाचार केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रकाशित किया गया है। यह चिकित्सकीय सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य संबंधी निर्णय से पहले योग्य चिकित्सक से परामर्श लें। इस सामग्री का उपयोग किसी न्यायालय, कानूनी कार्यवाही या चिकित्सकीय प्रमाण के रूप में नहीं किया जा सकता।





