नई दिल्ली | 3 जुलाई 2026
मानसून के दौरान डेंगू के बढ़ते खतरे को देखते हुए केंद्र सरकार ने रोकथाम और अस्पतालों की तैयारियों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री J. P. Nadda की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा के बाद राज्यों, नगर निकायों और स्वास्थ्य संस्थानों के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए हैं।
सरकार ने निर्देश दिया है कि जिन क्षेत्रों में बुखार के मामले बढ़ रहे हैं, वहां मच्छर नियंत्रण अभियान (Vector Control) को और तेज किया जाए। इसके साथ ही डेंगू के संभावित हॉटस्पॉट की पहचान कर नियमित निगरानी की जाए, ताकि संक्रमण को शुरुआती स्तर पर ही रोका जा सके।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को पर्याप्त बेड, रक्त घटक (Blood Components), जांच सुविधाएं, आवश्यक दवाएं और प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अस्पतालों को संभावित मरीजों की संख्या बढ़ने की स्थिति के लिए पहले से तैयार रहने को कहा गया है।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सभी जिलों में डेंगू मामलों की नियमित समीक्षा की जाएगी और सरकारी के साथ-साथ निजी अस्पतालों से भी समय पर केस रिपोर्टिंग सुनिश्चित की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर Rapid Response Teams तुरंत कार्रवाई करेंगी।
केंद्र सरकार ने जुलाई महीने को “एंटी डेंगू माह” के रूप में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया है। स्कूलों, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA), बाजार संघों और स्थानीय निकायों की भागीदारी से लोगों को मच्छरों की रोकथाम और साफ-सफाई के प्रति जागरूक किया जाएगा।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि समय रहते निगरानी, अस्पतालों की तैयारी और सामुदायिक भागीदारी से डेंगू के मामलों और उससे होने वाली गंभीर जटिलताओं को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है.
डिस्क्लेमर: यह समाचार केंद्र सरकार द्वारा जारी आधिकारिक निर्देशों और स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक पर आधारित है।
Credit (स्रोत):
Press Information Bureau (PIB) | Ministry of Health & Family Welfare | eHealth Network





