27 जुलाई 2026 | HealthNews.co.in
चिकित्सा विज्ञान में एक और उल्लेखनीय उपलब्धि सामने आई है। 77 वर्षीय एक मरीज, जिसका रेक्टल कैंसर (मलाशय का कैंसर) आंत से आगे बढ़कर आसपास के अंगों तक फैल चुका था, उसका डॉक्टरों ने अत्याधुनिक रोबोटिक मल्टी-ऑर्गन सर्जरी के माध्यम से सफल उपचार किया। यह मामला इसलिए चुनौतीपूर्ण था क्योंकि कैंसर केवल मलाशय तक सीमित नहीं था, बल्कि आसपास के ऊतकों और अंगों को भी प्रभावित कर चुका था।
क्या था मामला?
विशेषज्ञों के अनुसार, मरीज में रेक्टल कैंसर का पता ऐसे चरण में चला जब ट्यूमर आसपास के अंगों तक फैल चुका था। ऐसी स्थिति में पारंपरिक सर्जरी तकनीकी रूप से अधिक कठिन हो सकती है। डॉक्टरों ने विस्तृत जांच और बहु-विषयक (Multidisciplinary) टीम की योजना के बाद रोबोटिक सर्जरी का निर्णय लिया। आधुनिक रोबोटिक तकनीक ने प्रभावित हिस्सों को अधिक सटीकता से हटाने में सहायता की।
रोबोटिक सर्जरी क्यों है खास?
रोबोटिक सर्जरी में सर्जन कंप्यूटर-नियंत्रित रोबोटिक उपकरणों की सहायता से ऑपरेशन करते हैं। इससे कई संभावित लाभ मिल सकते हैं:
- अत्यधिक सटीक सर्जिकल मूवमेंट
- छोटे चीरे और कम रक्तस्राव
- आसपास के स्वस्थ ऊतकों को कम नुकसान
- संक्रमण का अपेक्षाकृत कम जोखिम
- रिकवरी और अस्पताल में रहने की अवधि कम होने की संभावना
हालांकि, हर मरीज के लिए रोबोटिक सर्जरी उपयुक्त हो, यह आवश्यक नहीं है। इसका निर्णय रोग की अवस्था, मरीज की स्थिति और विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह के आधार पर लिया जाता है।
रेक्टल कैंसर के सामान्य लक्षण
- मल में खून आना
- लंबे समय तक कब्ज या दस्त
- मल त्याग की आदतों में बदलाव
- पेट दर्द या ऐंठन
- बिना कारण वजन कम होना
- लगातार कमजोरी या थकान
इनमें से कोई भी लक्षण लंबे समय तक बने रहने पर तुरंत गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट या सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट से परामर्श लेना चाहिए।
विशेषज्ञों की सलाह
50 वर्ष से अधिक आयु के लोगों या जिनके परिवार में कोलोरेक्टल कैंसर का इतिहास है, उन्हें समय-समय पर स्क्रीनिंग करानी चाहिए। शुरुआती अवस्था में कैंसर का पता चलने पर उपचार की सफलता की संभावना काफी बढ़ जाती है।





