27 जुलाई 2026 | HealthNews.co.in
भारत में कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण तकनीकी उपलब्धि दर्ज की गई है। मणिपाल हॉस्पिटल, येलहंका (बेंगलुरु) ने देश का पहला Elekta Evo AI-enabled Adaptive Radiotherapy Platform स्थापित किया है। यह आधुनिक प्रणाली उपचार के दौरान मरीज की शारीरिक स्थिति में होने वाले बदलावों का विश्लेषण कर रेडियोथेरेपी योजना को उसी समय अनुकूलित (Adaptive) करने में सक्षम है।
क्या है AI-Enabled Adaptive Radiotherapy?
पारंपरिक रेडियोथेरेपी में उपचार योजना पहले से तय की जाती है, लेकिन इलाज के दौरान ट्यूमर का आकार, स्थिति या आसपास के अंगों की अवस्था बदल सकती है।
नई AI-संचालित Adaptive Radiotherapy तकनीक इन बदलावों का विश्लेषण कर उपचार योजना को उसी सत्र में संशोधित करने में मदद करती है, जिससे विकिरण (Radiation) को अधिक सटीक तरीके से लक्षित किया जा सकता है।
मरीजों को क्या हो सकते हैं संभावित लाभ?
- कैंसर ट्यूमर को अधिक सटीक रेडिएशन देने में सहायता
- स्वस्थ ऊतकों को अनावश्यक विकिरण से बचाने की संभावना
- उपचार की गुणवत्ता और सटीकता में सुधार
- जटिल कैंसर मामलों में बेहतर उपचार योजना
- AI की मदद से तेज और व्यक्तिगत (Personalized) रेडियोथेरेपी
किन मरीजों को हो सकता है लाभ?
विशेषज्ञों के अनुसार यह तकनीक विशेष रूप से निम्न प्रकार के कैंसर के उपचार में उपयोगी हो सकती है—
- प्रोस्टेट कैंसर
- फेफड़ों का कैंसर
- सिर एवं गर्दन का कैंसर
- स्तन कैंसर
- पेट एवं श्रोणि (Pelvic) क्षेत्र के कुछ कैंसर
हालांकि किस मरीज के लिए यह तकनीक उपयुक्त होगी, इसका निर्णय उपचार करने वाली ऑन्कोलॉजी टीम करेगी।
विशेषज्ञों का कहना
रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विशेषज्ञों का मानना है कि AI आधारित एडाप्टिव रेडियोथेरेपी भविष्य में कैंसर उपचार को और अधिक व्यक्तिगत (Personalized) तथा सटीक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। इसका उद्देश्य उपचार के दौरान बदलती परिस्थितियों के अनुसार रेडिएशन योजना को बेहतर बनाना है।
भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण?
भारत में कैंसर मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे समय में AI आधारित आधुनिक रेडियोथेरेपी तकनीकों का आगमन बेहतर उपचार विकल्प उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह तकनीक भविष्य में अन्य प्रमुख कैंसर केंद्रों तक भी पहुंच सकती है।





