चंडीगढ़। पंजाब सरकार ने सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए एक नई पहल शुरू की है। राज्य सरकार ने Centre for Health Research and Innovation (CHRI) के साथ समझौता (MoU) किया है, जिसके तहत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित तकनीक का उपयोग कर दिल और श्वसन (Respiratory) रोगों की शुरुआती पहचान की जाएगी।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह के अनुसार, पायलट परियोजना के तहत पटियाला, मोहाली और फतेहगढ़ साहिब जिलों में AI आधारित उपकरणों की मदद से बड़े स्तर पर स्वास्थ्य जांच की जाएगी। इसका उद्देश्य गंभीर बीमारियों का समय रहते पता लगाना और मरीजों को शीघ्र उपचार उपलब्ध कराना है।
परियोजना में AI-सक्षम ECG मशीन और डिजिटल स्टेथोस्कोप जैसे आधुनिक उपकरणों का उपयोग किया जाएगा। ये उपकरण हृदय और फेफड़ों से संबंधित असामान्यताओं की प्रारंभिक पहचान करने में सहायता करेंगे। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इससे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, हृदय रोग और श्वसन संबंधी बीमारियां भारत में मृत्यु और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के प्रमुख कारणों में शामिल हैं। यदि इनकी समय पर पहचान हो जाए तो उपचार की सफलता की संभावना काफी बढ़ जाती है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में AI के बढ़ते उपयोग को भविष्य की चिकित्सा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी तकनीकें डॉक्टरों की सहायता कर सकती हैं, जिससे जांच की गति और सटीकता दोनों बढ़ेंगी।
नोट: यह समाचार केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रकाशित किया गया है। यह चिकित्सकीय सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य संबंधी निर्णय से पहले योग्य चिकित्सक से परामर्श लें। इस सामग्री का उपयोग किसी न्यायालय, कानूनी कार्यवाही या चिकित्सकीय प्रमाण के रूप में नहीं किया जा सकता।





