लंबित मांगों के समाधान की मांग तेज, सरकार और चिकित्सकों के बीच बातचीत पर टिकी सभी की निगाहें।
भुवनेश्वर | 28 जून 2026
सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावित होने की आशंका के बीच ओडिशा मेडिकल सर्विस एसोसिएशन (OMSA) ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी लंबित मांगों का जल्द समाधान नहीं हुआ तो 1 जुलाई 2026 से सरकारी डॉक्टर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर सकते हैं। इस घोषणा के बाद राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है।
डॉक्टरों के संगठन का कहना है कि लंबे समय से सेवा संबंधी विभिन्न मुद्दों और कार्य परिस्थितियों को लेकर सरकार के समक्ष मांगें रखी जा रही हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। ऐसे में संगठन ने आंदोलन का रास्ता अपनाने की चेतावनी दी है।
यदि हड़ताल होती है, तो सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं, नियमित जांच और अन्य गैर-आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। हालांकि आपातकालीन सेवाओं को लेकर अंतिम निर्णय संगठन की ओर से आगे की बैठक के बाद लिया जाएगा।
राज्य सरकार और डॉक्टरों के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत की संभावना बनी हुई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि समय रहते समाधान निकलना जरूरी है ताकि मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े और सरकारी अस्पतालों की सेवाएं सामान्य रूप से जारी रह सकें।
फिलहाल मरीजों और उनके परिजनों की नजरें सरकार और डॉक्टरों के बीच होने वाली वार्ता पर टिकी हैं। यदि दोनों पक्ष सहमति पर पहुंचते हैं, तो प्रस्तावित हड़ताल टल सकती है।
मुख्य बातें
- 1 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी।
- सरकारी अस्पतालों की नियमित सेवाएं प्रभावित होने की आशंका।
- डॉक्टरों ने लंबित मांगों के समाधान की मांग दोहराई।
- सरकार और संगठन के बीच बातचीत की उम्मीद।
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