नई दिल्ली | 25 जुलाई 2026
केंद्र सरकार के AYUSH मंत्रालय ने सशस्त्र बलों के अस्पतालों में पारंपरिक चिकित्सा सेवाओं का विस्तार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखा है। मंत्रालय ने सभी सैन्य (Military) और फील्ड अस्पतालों में AYUSH OPD (Out Patient Department) शुरू करने का सुझाव दिया है, ताकि सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी जैसी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके। इस प्रस्ताव पर रक्षा मंत्रालय और संबंधित एजेंसियों के साथ विचार-विमर्श जारी है।
क्या है AYUSH OPD?
AYUSH OPD ऐसा बाह्य रोगी विभाग होगा, जहाँ प्रशिक्षित विशेषज्ञ निम्नलिखित चिकित्सा पद्धतियों के माध्यम से परामर्श और उपचार उपलब्ध कराएंगे—
- आयुर्वेद
- योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा
- यूनानी
- सिद्ध
- होम्योपैथी
इन सेवाओं का उद्देश्य पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को आधुनिक चिकित्सा सेवाओं के पूरक (Complementary) रूप में उपलब्ध कराना है।
प्रस्ताव का उद्देश्य
AYUSH मंत्रालय का मानना है कि सैन्य अस्पतालों में AYUSH सेवाएँ उपलब्ध होने से सैनिकों और उनके परिवारों को समग्र (Holistic) स्वास्थ्य देखभाल का एक अतिरिक्त विकल्प मिलेगा। विशेष रूप से तनाव प्रबंधन, पुनर्वास (Rehabilitation), जीवनशैली से जुड़ी समस्याओं और कुछ दीर्घकालिक (Chronic) रोगों में इन सेवाओं की उपयोगिता बढ़ सकती है।
किन लोगों को होगा लाभ?
यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो इसका लाभ मिल सकता है—
- भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना के जवानों को
- पूर्व सैनिकों (Ex-Servicemen) को
- सैन्य कर्मियों के आश्रित परिवारों को
- रक्षा अस्पतालों में उपचार प्राप्त करने वाले पात्र लाभार्थियों को
आधुनिक चिकित्सा के साथ समन्वय
मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि AYUSH सेवाओं का उद्देश्य आधुनिक (Allopathy) चिकित्सा का स्थान लेना नहीं है, बल्कि जहाँ उपयुक्त हो वहाँ उसके साथ समन्वित (Integrative) स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराना है। किसी भी गंभीर बीमारी या आपातकालीन स्थिति में मानक आधुनिक चिकित्सा उपचार ही प्राथमिक रहेगा।
विशेषज्ञों की राय
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यदि प्रशिक्षित विशेषज्ञों, वैज्ञानिक दिशानिर्देशों और उचित रेफरल प्रणाली के साथ यह मॉडल लागू किया जाता है, तो सैनिकों के समग्र स्वास्थ्य और पुनर्वास कार्यक्रमों को मजबूती मिल सकती है। साथ ही, उपचार के लिए मरीजों को अधिक विकल्प भी उपलब्ध होंगे।
आगे क्या?
फिलहाल यह एक प्रस्ताव है। इसके लागू होने के लिए रक्षा मंत्रालय और अन्य संबंधित विभागों की स्वीकृति तथा प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होना आवश्यक है। अंतिम निर्णय के बाद ही सभी सैन्य अस्पतालों में AYUSH OPD शुरू किए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।





