नई दिल्ली, 24 जून। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि भारत में फैटी लिवर (Fatty Liver Disease) के मामलों में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। डॉक्टरों के अनुसार यह समस्या अब केवल अधिक उम्र के लोगों तक सीमित नहीं रही, बल्कि युवाओं और किशोरों में भी इसके मामले सामने आ रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि अस्वास्थ्यकर खानपान, शारीरिक गतिविधियों की कमी, मोटापा, अत्यधिक जंक फूड का सेवन और लंबे समय तक बैठे रहने की आदत इसके प्रमुख कारणों में शामिल हैं। कई मामलों में फैटी लिवर के शुरुआती चरण में कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते, जिससे बीमारी का पता देर से चलता है।
फैटी लिवर के सामान्य संकेत
- लगातार थकान महसूस होना
- पेट के ऊपरी हिस्से में असहजता
- वजन बढ़ना
- कमजोरी और सुस्ती
- कुछ मामलों में लिवर एंजाइम का बढ़ना
डॉक्टरों की सलाह
विशेषज्ञों का कहना है कि फैटी लिवर से बचाव के लिए जीवनशैली में सुधार सबसे प्रभावी उपाय है।
- नियमित व्यायाम करें।
- तले-भुने और अत्यधिक प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों से बचें।
- वजन नियंत्रित रखें।
- मीठे पेय पदार्थों का सेवन कम करें।
- पर्याप्त नींद लें।
- नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं।
क्यों है चिंता का विषय?
डॉक्टरों के अनुसार यदि फैटी लिवर का समय पर उपचार और नियंत्रण नहीं किया गया तो यह आगे चलकर लिवर सिरोसिस और अन्य गंभीर जटिलताओं का कारण बन सकता है। इसलिए शुरुआती पहचान और जीवनशैली में सुधार बेहद महत्वपूर्ण है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से संतुलित आहार और नियमित शारीरिक गतिविधियों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील की है ताकि लिवर को स्वस्थ रखा जा सके।
नोट: यह समाचार केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रकाशित किया गया है। यह चिकित्सकीय सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य संबंधी निर्णय से पहले योग्य चिकित्सक से परामर्श लें। इस सामग्री का उपयोग किसी न्यायालय, कानूनी कार्यवाही या चिकित्सकीय प्रमाण के रूप में नहीं किया जा सकता।




