नई दिल्ली। आधुनिक जीवनशैली में घंटों तक कुर्सी पर बैठे रहना आम बात हो गई है। चाहे ऑफिस का काम हो, पढ़ाई हो या मोबाइल और टीवी का उपयोग, लोग दिन का बड़ा हिस्सा बैठे-बैठे बिताते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक लगातार बैठे रहना कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम बढ़ा सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार लगातार बैठे रहने से शरीर की कैलोरी खपत कम हो जाती है, जिससे वजन बढ़ने, मोटापे और मेटाबॉलिज्म संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा लंबे समय तक बैठने का संबंध हृदय रोग, टाइप-2 मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियों से भी जोड़ा गया है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
डॉक्टरों का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति का काम लंबे समय तक बैठकर करने का है, तो उसे हर 30 से 45 मिनट में कम से कम 2 से 5 मिनट के लिए उठकर चलना चाहिए। इससे रक्त संचार बेहतर बना रहता है और मांसपेशियों पर पड़ने वाला दबाव कम होता है।
लंबे समय तक बैठे रहने के संभावित नुकसान
- वजन बढ़ना और मोटापा
- कमर और गर्दन में दर्द
- रक्त संचार प्रभावित होना
- हृदय रोगों का बढ़ा जोखिम
- टाइप-2 मधुमेह का खतरा
- मानसिक थकान और तनाव
कैसे बचें?
- हर 30 मिनट में उठकर कुछ कदम चलें।
- फोन पर बात करते समय खड़े होकर चलें।
- लिफ्ट की बजाय सीढ़ियों का उपयोग करें।
- कार्यस्थल पर स्ट्रेचिंग की आदत डालें।
- प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट व्यायाम करें।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि केवल नियमित व्यायाम करना ही पर्याप्त नहीं है। यदि कोई व्यक्ति दिनभर बैठा रहता है, तो उसे अपनी दैनिक गतिविधियों में भी सक्रियता बढ़ाने की जरूरत होती है।
नोट: यह समाचार केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रकाशित किया गया है। यह चिकित्सकीय सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य संबंधी निर्णय से पहले योग्य चिकित्सक से परामर्श लें। इस सामग्री का उपयोग किसी न्यायालय, कानूनी कार्यवाही या चिकित्सकीय प्रमाण के रूप में नहीं किया जा सकता।





