नई दिल्ली | 2 जुलाई 2026
मोबाइल फोन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित हेल्थ ऐप्स का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। कई लोग अब सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं, दवाओं और जांच संबंधी जानकारी के लिए AI चैटबॉट और डिजिटल हेल्थ टूल्स का सहारा लेने लगे हैं। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि AI उपयोगी सहायक हो सकता है, लेकिन यह प्रशिक्षित डॉक्टर का विकल्प नहीं है।
विशेषज्ञों का कहना है कि AI स्वास्थ्य संबंधी सामान्य जानकारी देने, संभावित कारणों के बारे में जागरूकता बढ़ाने और मरीजों को सही दिशा दिखाने में मदद कर सकता है। लेकिन किसी बीमारी का अंतिम निदान, दवा लिखना, उपचार तय करना या गंभीर स्थिति का आकलन केवल योग्य चिकित्सक द्वारा ही किया जाना चाहिए।
डॉक्टरों के अनुसार कई बार अलग-अलग बीमारियों के लक्षण एक जैसे दिखाई देते हैं। ऐसे मामलों में केवल AI पर भरोसा करने से गलत निष्कर्ष निकल सकते हैं, जिससे सही इलाज में देरी होने की आशंका रहती है। खासकर सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ, तेज बुखार, लकवा, बेहोशी, गर्भावस्था से जुड़ी जटिलताएं और बच्चों की गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।
विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि AI टूल्स का उपयोग करते समय मरीजों को अपनी निजी स्वास्थ्य जानकारी साझा करने में सावधानी बरतनी चाहिए। केवल विश्वसनीय और सुरक्षित प्लेटफॉर्म का उपयोग करें तथा किसी भी ऑनलाइन सलाह के आधार पर स्वयं दवा शुरू या बंद न करें।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में AI डॉक्टरों के काम को अधिक प्रभावी बनाने, मेडिकल रिकॉर्ड का विश्लेषण करने, शुरुआती स्क्रीनिंग और स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। लेकिन अंतिम चिकित्सकीय निर्णय हमेशा प्रशिक्षित डॉक्टर की निगरानी में ही लिया जाना चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह समाचार स्वास्थ्य जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित किया गया है। किसी भी बीमारी, दवा या उपचार से संबंधित निर्णय लेने से पहले योग्य चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें।





