केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि आधुनिक चिकित्सा तकनीकें भविष्य की स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सटीक, प्रभावी और मरीज-केंद्रित बनाएंगी।
नई दिल्ली | 28 जून 2026
भारत में स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक बनाने की दिशा में Precision Medicine, Gene Therapy और Nuclear Medicine जैसी उन्नत तकनीकों पर तेजी से काम किया जा रहा है। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि आने वाले वर्षों में ये तकनीकें देश की चिकित्सा व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी और मरीजों को अधिक सटीक एवं व्यक्तिगत उपचार उपलब्ध कराने में मदद करेंगी।
उन्होंने कहा कि चिकित्सा विज्ञान तेजी से बदल रहा है और अब उपचार केवल बीमारी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रत्येक मरीज की आनुवंशिक (Genetic) और जैविक विशेषताओं के आधार पर इलाज की दिशा में आगे बढ़ेगा। इससे कई गंभीर और जटिल बीमारियों के उपचार के बेहतर विकल्प विकसित किए जा सकेंगे।
मंत्री ने यह भी कहा कि भारत अनुसंधान, नवाचार और अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीकों के क्षेत्र में लगातार निवेश कर रहा है। इसका उद्देश्य देश में विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ावा देना और मरीजों तक आधुनिक उपचार को अधिक सुलभ बनाना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि Precision Medicine मरीज की व्यक्तिगत स्वास्थ्य प्रोफाइल के आधार पर उपचार तय करने में मदद करती है, जबकि Gene Therapy आनुवंशिक बीमारियों के उपचार की नई संभावनाएं खोल रही है। वहीं Nuclear Medicine कैंसर सहित कई गंभीर रोगों के निदान और उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
स्वास्थ्य क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि इन आधुनिक तकनीकों के विस्तार से भविष्य में भारत की चिकित्सा व्यवस्था और अधिक उन्नत, प्रभावी तथा मरीज-केंद्रित बनने की उम्मीद है।
मुख्य बातें
- भारत में आधुनिक चिकित्सा तकनीकों को मिलेगा बढ़ावा।
- Precision Medicine और Gene Therapy पर विशेष फोकस।
- Nuclear Medicine से कैंसर सहित कई रोगों के निदान और उपचार को मजबूती।
- अनुसंधान और नवाचार के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक बनाने पर जोर।
अस्वीकरण
यह समाचार उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के आधार पर जन-जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित किया गया है। किसी भी चिकित्सा उपचार या तकनीक से संबंधित निर्णय योग्य विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार ही लें।





