रांची। झारखंड सरकार ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाई देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS)-2 परियोजना को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए ₹4,189.41 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई।
सरकार के अनुसार, रांची के कांके क्षेत्र में विकसित होने वाला RIMS-2 लगभग 2600 बेड की क्षमता वाला अत्याधुनिक अस्पताल होगा। परियोजना का उद्देश्य झारखंड में सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करना, गंभीर बीमारियों के इलाज को मजबूत बनाना तथा मेडिकल शिक्षा और चिकित्सा अनुसंधान को नई दिशा देना है।
प्रस्तावित अस्पताल में कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, ऑन्कोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, ट्रॉमा केयर, क्रिटिकल केयर सहित कई सुपर स्पेशियलिटी विभाग स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा आधुनिक रिसर्च सेंटर, अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक सुविधाएं, टेलीमेडिसिन सेवाएं तथा मेडिकल छात्रों के लिए उन्नत प्रशिक्षण की व्यवस्था भी की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि RIMS-2 शुरू होने के बाद झारखंड के मरीजों को जटिल बीमारियों के इलाज के लिए दूसरे राज्यों की ओर कम जाना पड़ेगा। साथ ही बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ सहित आसपास के राज्यों के मरीजों को भी बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी बड़ी स्वास्थ्य परियोजना राज्य में मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के साथ-साथ विशेषज्ञ डॉक्टरों, शोध गतिविधियों और आधुनिक उपचार सुविधाओं के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे भविष्य में रांची को पूर्वी भारत के प्रमुख हेल्थकेयर हब के रूप में विकसित करने में मदद मिल सकती है।
डिस्क्लेमर: यह समाचार झारखंड सरकार द्वारा स्वीकृत परियोजना से संबंधित सार्वजनिक जानकारी पर आधारित है। परियोजना के निर्माण और संचालन की समय-सीमा सरकार एवं संबंधित एजेंसियों द्वारा तय की जाएगी।
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NDTV India | Navbharat Times | Times of India




