सरकार ने नई दवाओं के मूल्य निर्धारण नियमों में किया बड़ा बदलाव, फार्मा कंपनियों को राहत
नई दिल्ली | 3 जुलाई 2026
केंद्र सरकार ने Drugs (Prices Control) Order (DPCO), 2013 में महत्वपूर्ण संशोधन लागू किए हैं। नए नियमों का उद्देश्य नई दवाओं के मूल्य निर्धारण की प्रक्रिया को सरल बनाना, अनुपालन संबंधी जटिलताओं को कम करना और दवा उद्योग के लिए नियामकीय प्रक्रिया को अधिक स्पष्ट बनाना है। संशोधित प्रावधान 30 जून 2026 से प्रभावी हो गए हैं और इन पर 3 जुलाई को विस्तृत जानकारी सामने आई।
नए प्रावधानों के तहत कुछ नई दवाओं के लिए मूल्य स्वीकृति की प्रक्रिया को आसान बनाया गया है। साथ ही रिकॉर्ड रखने, मूल्य निर्धारण और ओवरचार्जिंग से जुड़े नियमों में भी संशोधन किए गए हैं। सरकार का कहना है कि इन बदलावों से नियामकीय प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी और उद्योग को अनुपालन में आसानी मिलेगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, संशोधित नियमों से दवा कंपनियों को नई दवाएं बाजार में लाने की प्रक्रिया में राहत मिल सकती है। हालांकि, आवश्यक दवाओं की कीमतों पर निगरानी की व्यवस्था पहले की तरह जारी रहेगी ताकि मरीजों के हित सुरक्षित रहें।
फार्मा उद्योग के जानकारों का मानना है कि यह कदम भारत में दवा निर्माण और नवाचार को बढ़ावा देने के साथ-साथ निवेश को भी प्रोत्साहित कर सकता है। वहीं स्वास्थ्य नीति विशेषज्ञों का कहना है कि नियामकीय सरलता और मरीजों की पहुंच—दोनों के बीच संतुलन बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा।
डिस्क्लेमर: यह समाचार सरकार द्वारा अधिसूचित नियामकीय बदलावों पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल जानकारी देना है।
Credit (स्रोत):
The Times of India | DPCO Amendment Update





