नई दिल्ली | 25 जुलाई 2026
भारत में बच्चों में बढ़ता मोटापा अब एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बनता जा रहा है। World Obesity Atlas 2026 के अनुसार, देश में करीब 4.1 करोड़ (41 मिलियन) बच्चे अधिक वजन (Overweight) या मोटापे (Obesity) से प्रभावित हैं। इस चिंताजनक स्थिति को देखते हुए भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) ने बच्चों में मोटापा रोकने के लिए एक व्यापक नीति रोडमैप जारी किया है।
क्यों बढ़ रही है चिंता?
ICMR के अनुसार, बचपन में होने वाला मोटापा भविष्य में कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। मोटापे से प्रभावित बच्चों में आगे चलकर निम्न बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है—
- टाइप-2 डायबिटीज
- उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर)
- हृदय रोग
- फैटी लिवर
- मानसिक तनाव और आत्मविश्वास में कमी
- कम उम्र में गैर-संचारी रोग (NCDs) का जोखिम
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अभी प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले वर्षों में भारत पर गैर-संचारी रोगों का बोझ और बढ़ सकता है।
ICMR ने क्या सुझाव दिए?
ICMR–राष्ट्रीय पोषण संस्थान (ICMR-NIN) द्वारा जारी नीति दस्तावेज़ में बच्चों के लिए स्वस्थ भोजन वातावरण बनाने पर जोर दिया गया है। प्रमुख सिफारिशें इस प्रकार हैं—
1. जंक फूड पर सख्ती
बच्चों को आकर्षित करने वाले अत्यधिक चीनी, नमक और वसा वाले खाद्य पदार्थों पर कड़े नियम लागू किए जाएं।
2. स्कूल कैंटीन में सुधार
स्कूल कैंटीन में पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाए तथा जंक फूड की बिक्री सीमित की जाए।
3. भ्रामक विज्ञापनों पर नियंत्रण
बच्चों को लक्ष्य बनाकर किए जाने वाले अस्वास्थ्यकर खाद्य पदार्थों के विज्ञापनों पर कड़ी निगरानी रखी जाए।
4. स्पष्ट फूड लेबलिंग
पैक्ड खाद्य पदार्थों पर ऐसा पोषण लेबल हो जिसे आम उपभोक्ता आसानी से समझ सके।
5. स्वस्थ भोजन को बढ़ावा
बच्चों और किशोरों के लिए फल, सब्ज़ियाँ और संतुलित आहार को प्रोत्साहित करने वाली नीतियाँ लागू की जाएँ।
माता-पिता की क्या भूमिका हो सकती है?
विशेषज्ञों के अनुसार, परिवार भी बच्चों में मोटापा रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
- रोज़ कम से कम 60 मिनट शारीरिक गतिविधि के लिए प्रेरित करें।
- कोल्ड ड्रिंक, पैकेज्ड स्नैक्स और अत्यधिक मीठे खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित करें।
- घर का ताज़ा और संतुलित भोजन दें।
- मोबाइल और टीवी का स्क्रीन टाइम नियंत्रित करें।
- पर्याप्त नींद और नियमित दिनचर्या सुनिश्चित करें।
क्यों महत्वपूर्ण है यह रिपोर्ट?
भारत दुनिया के उन देशों में शामिल है जहाँ बचपन में मोटापा तेजी से बढ़ रहा है। ICMR का मानना है कि यदि समय रहते प्रभावी नीतियाँ लागू की जाएँ, तो भविष्य में डायबिटीज, हृदय रोग और अन्य गैर-संचारी रोगों के बढ़ते बोझ को काफी हद तक कम किया जा सकता है





