नई दिल्ली | 2 जुलाई 2026
भारत में कैंसर के बढ़ते मामलों और आधुनिक उपचार की ऊंची लागत को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने देश में ऐसी राष्ट्रीय रणनीति तैयार करने की आवश्यकता बताई है, जिससे हर मरीज को समय पर और किफायती कैंसर उपचार उपलब्ध कराया जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि चिकित्सा क्षेत्र में नई दवाओं, इम्यूनोथेरेपी, टार्गेटेड थेरेपी और प्रिसिजन मेडिसिन जैसी तकनीकों ने कैंसर उपचार में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं, लेकिन इनका लाभ अभी भी सीमित संख्या में मरीजों तक ही पहुंच पा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, महानगरों की तुलना में छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में कैंसर विशेषज्ञों की उपलब्धता कम है। कई मरीजों को उपचार के लिए सैकड़ों किलोमीटर दूर जाना पड़ता है, जिससे इलाज शुरू होने में देरी होती है। उन्होंने सुझाव दिया कि देशभर में कैंसर उपचार केंद्रों का विस्तार, प्रशिक्षित ऑन्कोलॉजिस्ट की उपलब्धता और डिजिटल हेल्थ नेटवर्क को मजबूत करना समय की आवश्यकता है।
चर्चा के दौरान यह भी कहा गया कि आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) जैसी योजनाओं के माध्यम से अधिक मरीजों को आधुनिक कैंसर उपचार से जोड़ने की आवश्यकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि नई दवाओं और उन्नत उपचार तकनीकों को सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं में व्यापक रूप से शामिल किया जाए, तो आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को बड़ी राहत मिल सकती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने यह भी रेखांकित किया कि केवल नई दवाएं उपलब्ध कराना पर्याप्त नहीं है। समय पर जांच, सटीक निदान, प्रशिक्षित चिकित्सा टीम, गुणवत्तापूर्ण प्रयोगशालाएं और निरंतर फॉलो-अप भी कैंसर उपचार की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके साथ ही पेलिएटिव केयर (Palliative Care) और मरीजों को मनोवैज्ञानिक सहयोग उपलब्ध कराने पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि केंद्र और राज्य सरकारें, अस्पताल, शोध संस्थान और फार्मास्यूटिकल उद्योग मिलकर दीर्घकालिक रणनीति तैयार करें, तो देश में कैंसर उपचार अधिक सुलभ, किफायती और प्रभावी बनाया जा सकता है। इससे समय पर इलाज मिलने से मरीजों के बेहतर स्वास्थ्य परिणाम और जीवन प्रत्याशा में भी सुधार संभव होगा।
डिस्क्लेमर: यह समाचार विशेषज्ञों की राय और सार्वजनिक स्वास्थ्य नीति से संबंधित चर्चा पर आधारित है। किसी भी बीमारी के उपचार के लिए योग्य ऑन्कोलॉजिस्ट या चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें।
Credit (स्रोत):
ETHealthworld | India Oncology Leadership Summit | ACCESS Health International





