नई दिल्ली। महंगे जिम और कठिन वर्कआउट के दौर में स्वास्थ्य विशेषज्ञ एक बार फिर पैदल चलने को सबसे सरल और प्रभावी व्यायाम बता रहे हैं। हाल के स्वास्थ्य अध्ययनों और विशेषज्ञों की राय के अनुसार, प्रतिदिन केवल 20 से 30 मिनट की तेज चाल से पैदल चलना हृदय स्वास्थ्य, वजन नियंत्रण, मानसिक स्वास्थ्य और रक्त शर्करा नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि पैदल चलना एक ऐसा व्यायाम है जिसे लगभग हर आयु वर्ग का व्यक्ति बिना किसी विशेष उपकरण के कर सकता है। नियमित रूप से चलने से रक्त संचार बेहतर होता है, हृदय मजबूत बनता है और उच्च रक्तचाप के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार भोजन के बाद 10 से 15 मिनट की सैर रक्त शर्करा को नियंत्रित करने में सहायक हो सकती है। इससे शरीर भोजन से प्राप्त ग्लूकोज का बेहतर उपयोग कर पाता है, जिससे टाइप-2 डायबिटीज के खतरे को कम करने में मदद मिल सकती है।
पैदल चलने के प्रमुख फायदे
- हृदय रोगों के जोखिम में कमी
- वजन नियंत्रित रखने में मदद
- रक्त शर्करा के स्तर में सुधार
- तनाव और चिंता में कमी
- बेहतर नींद
- हड्डियों और जोड़ों को मजबूती
- मानसिक एकाग्रता और याददाश्त में सुधार
विशेषज्ञों का कहना है कि प्रतिदिन 7,000 से 10,000 कदम चलने का लक्ष्य लाभदायक हो सकता है, लेकिन स्वास्थ्य लाभ इससे कम कदमों पर भी शुरू हो जाते हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात नियमितता है।
डॉक्टरों की सलाह
- सुबह या शाम कम से कम 20-30 मिनट पैदल चलें।
- लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का उपयोग करें।
- लंबे समय तक बैठने के बाद कुछ मिनट टहलें।
- भोजन के बाद छोटी सैर की आदत डालें।
- आरामदायक जूते पहनकर तेज चाल से चलें।
विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक जीवनशैली में बढ़ती शारीरिक निष्क्रियता के बीच पैदल चलना एक सरल, सस्ता और प्रभावी उपाय है, जो कई गंभीर बीमारियों के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है।





