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सफेद चीनी छोड़ रहे लोग, गुड़ और धागे वाली मिश्री की ओर बढ़ रहा रुझान; विशेषज्ञों ने दी जरूरी सलाह

नई दिल्ली। स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता के बीच बड़ी संख्या में लोग अब परिष्कृत (रिफाइंड) सफेद चीनी की जगह गुड़ और धागे वाली मिश्री का उपयोग करने लगे हैं। सोशल मीडिया पर भी इन्हें “स्वस्थ विकल्प” के रूप में प्रचारित किया जा रहा है। हालांकि पोषण विशेषज्ञों का कहना है कि गुड़ और मिश्री में कुछ अतिरिक्त पोषक तत्व जरूर होते हैं, लेकिन इन्हें पूरी तरह से “शुगर-फ्री” या “डायबिटीज फ्रेंडली” मानना सही नहीं होगा।

विशेषज्ञों के अनुसार गुड़, गन्ने के रस या ताड़ के रस से तैयार किया जाता है और इसमें आयरन, पोटैशियम, मैग्नीशियम तथा कुछ एंटीऑक्सीडेंट जैसे सूक्ष्म पोषक तत्व मौजूद रहते हैं। वहीं सफेद चीनी के निर्माण के दौरान अधिकांश खनिज और प्राकृतिक तत्व हट जाते हैं। इसी कारण गुड़ को अपेक्षाकृत बेहतर विकल्प माना जाता है।

धागे वाली मिश्री को भी कम प्रसंस्कृत (Less Processed) मिठास के रूप में देखा जाता है। आयुर्वेद में इसका उपयोग लंबे समय से किया जाता रहा है। कई लोग चाय, दूध और घरेलू पेय पदार्थों में सफेद चीनी की जगह मिश्री का इस्तेमाल कर रहे हैं।

हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि गुड़, मिश्री और चीनी तीनों ही अंततः शरीर में ग्लूकोज में परिवर्तित होते हैं। इसलिए इनका अधिक सेवन रक्त शर्करा (ब्लड शुगर) बढ़ा सकता है। मधुमेह रोगियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

पोषण विशेषज्ञों का कहना है कि गुड़ में कुछ खनिज तत्व मौजूद होते हैं, लेकिन सामान्य मात्रा में सेवन करने पर इनसे मिलने वाले पोषक तत्व सीमित होते हैं। इसलिए केवल पोषण प्राप्त करने के उद्देश्य से अधिक मात्रा में गुड़ खाना उचित नहीं है।

हाल के अध्ययनों में यह भी सामने आया है कि गुड़ में सूक्ष्म पोषक तत्व और एंटीऑक्सीडेंट मौजूद होते हैं, लेकिन यह भी एक प्रकार की शर्करा ही है। अधिक मात्रा में सेवन करने पर वजन बढ़ने, ब्लड शुगर बढ़ने और दांतों की समस्याओं का जोखिम बना रहता है।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

  • सफेद चीनी की तुलना में गुड़ अपेक्षाकृत कम प्रसंस्कृत होता है।
  • गुड़ में आयरन, पोटैशियम और कुछ एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं।
  • धागे वाली मिश्री स्वाद और पारंपरिक उपयोग के कारण लोकप्रिय है।
  • मधुमेह रोगी डॉक्टर की सलाह के बिना गुड़ या मिश्री को सुरक्षित विकल्प न मानें।
  • किसी भी प्रकार की अतिरिक्त मिठास का सेवन सीमित मात्रा में ही करें।

निष्कर्ष

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मिठास का उपयोग करना ही हो तो गुड़ या धागे वाली मिश्री सफेद चीनी की तुलना में बेहतर विकल्प हो सकते हैं, लेकिन इन्हें भी सीमित मात्रा में ही लेना चाहिए। स्वस्थ जीवनशैली के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात कुल चीनी सेवन को नियंत्रित रखना है।

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