HEALTH NEWS

बिना डॉक्टर की सलाह दवा लेना पड़ सकता है भारी, विशेषज्ञों ने बढ़ती Self-Medication की आदत पर जताई चिंता

इंटरनेट से मिली अधूरी जानकारी, सोशल मीडिया और बिना पर्चे दवाएं मिलने की सुविधा लोगों को खुद इलाज करने के लिए प्रेरित कर रही है। विशेषज्ञों ने इसे सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती बताया।

नई दिल्ली | 27 जून 2026

देश में बिना डॉक्टर की सलाह के दवाएं लेने (Self-Medication) की बढ़ती प्रवृत्ति को लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चिंता जताई है। उनका कहना है कि मामूली बुखार, सर्दी-जुकाम, दर्द या संक्रमण होने पर बड़ी संख्या में लोग चिकित्सक से परामर्श लेने के बजाय स्वयं दवा खरीदकर सेवन कर रहे हैं। यह आदत भविष्य में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है। हाल के विश्लेषणों में भी बताया गया है कि यह व्यवहार भारत में विभिन्न आयु वर्ग और क्षेत्रों में व्यापक रूप से देखा जा रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार, इंटरनेट, सोशल मीडिया, यूट्यूब वीडियो, परिचितों की सलाह और पुराने प्रिस्क्रिप्शन के आधार पर दवा लेना तेजी से बढ़ा है। कई लोग पहले इस्तेमाल की गई दवाओं को दोबारा बिना जांच के लेने लगते हैं, जबकि हर बीमारी की स्थिति अलग हो सकती है। इससे सही इलाज में देरी होने के साथ-साथ बीमारी की पहचान भी प्रभावित हो सकती है।

सबसे अधिक चिंता एंटीबायोटिक दवाओं के गलत उपयोग को लेकर जताई जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि बिना आवश्यकता एंटीबायोटिक लेने या डॉक्टर द्वारा बताई गई अवधि पूरी किए बिना दवा बंद कर देने से बैक्टीरिया उन दवाओं के प्रति प्रतिरोधक (Antimicrobial Resistance) बन सकते हैं। ऐसी स्थिति में भविष्य में सामान्य संक्रमण का इलाज भी कठिन हो सकता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में दवाओं की आसान उपलब्धता, डॉक्टर तक पहुंच की कठिनाई, समय और खर्च बचाने की सोच तथा ऑनलाइन स्वास्थ्य संबंधी अपुष्ट जानकारी भी इस समस्या को बढ़ा रही है। उनका सुझाव है कि बुखार, संक्रमण, तेज दर्द या लंबे समय तक बने रहने वाले किसी भी लक्षण में स्वयं दवा लेने के बजाय योग्य चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।

विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि हर दवा के दुष्प्रभाव हो सकते हैं। गलत मात्रा, गलत दवा या दूसरी दवाओं के साथ उसका संयोजन एलर्जी, लीवर या किडनी पर असर तथा अन्य जटिलताएं पैदा कर सकता है। इसलिए दवाओं का उपयोग केवल चिकित्सकीय सलाह के अनुसार ही किया जाना चाहिए। साथ ही, आम लोगों में जागरूकता बढ़ाने और नियमों के प्रभावी पालन की भी आवश्यकता बताई गई है।

क्या करें?

  • बिना डॉक्टर की सलाह एंटीबायोटिक या अन्य प्रिस्क्रिप्शन दवा न लें।
  • पुराने प्रिस्क्रिप्शन के आधार पर बार-बार दवा का उपयोग न करें।
  • इंटरनेट या सोशल मीडिया की जानकारी को अंतिम चिकित्सा सलाह न मानें।
  • बीमारी के लक्षण बने रहने पर योग्य चिकित्सक से जांच कराए

अस्वीकरण

यह समाचार केवल जन-जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित किया गया है। किसी भी स्वास्थ्य संबंधी निर्णय या दवा के उपयोग से पहले योग्य चिकित्सक से सलाह अवश्य लें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button